भारतीय संविधान के बारे में रोचक तथ्य

#1. संविधान बनाने वाली पहली सभा 9 दिसंबर 1946 को संपन्न हुई थी और इसे बनाने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थे. डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया था और डॉ. भीमराव अंबेडकर को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. #2. संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निर्धारित की गई थी, जिनमें से 292 ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधि थे, 4 मुख्य आयुक्तों प्रदेशों के प्रतिनिधि थे और 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे. बाद में यह संख्या घटाकर 299 कर दी गई. हैदराबाद एकमात्र रियासत थी जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में शामिल नहीं हुए थे. #3. पत्रकारिता और जनता को भारत के संविधान गठन में भाग लेने की पूर्ण स्वतंत्रता थी. #4. भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ था लेकिन आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और हम इस दिन को ‘गणतंत्र दिवस’ के रूप में भी मनाते हैं. #5. संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी के दिन को इसलिए चुना गया क्योंकि इस दिन “पूर्ण स्वराज दिवस” की वर्षगांठ थी. #6. 24 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू होने के 2 दिन पहले संसद में इस पर हस्ताक्षर हो रहे थे तो उस समय बारिश हो रही थी और संविधान सभा के सदस्यों ने इसे शुभ बताया था. यह विधानसभा की अंतिम बैठक थी और इस दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा द्वारा भारत का पहला राष्ट्रपति भी चुना गया था. #7. भारत का संविधान एक हस्तलिखित दस्तावेज है, ना कि मशीन-मुद्रित दस्तावेज़. यह ‘प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा’ द्वारा अपने हाथों से इटैलिक शैली में लिखा गया था और इसके प्रत्येक पृष्ठ को शांतिनिकेतन के दो कलाकारों, ‘बेवर राममनोहर सिन्हा’ और ‘नंदलाल बोस द्वारा’ सजाया गया था. #8. भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है. इसे 25 भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें 44 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं. इसके अंग्रेजी संस्करण में कुल 117,369 शब्द है, जिसमें कुल 254 पेन निब का इस्तेमाल किया गया था और लिखने में 6 महीने का समय लगा था. इस पूरे काम पर करीब ₹64 लाख रुपये खर्च हुए थे. #9. भारतीय संविधान को अंतिम रूप देने से पहले इसे चर्चा और बहस के लिए रखा गया था और फिर इसमें 2000 से अधिक संशोधन किए गए थे. #10. भारतीय संविधान पर संविधान सभा के 284 सदस्यों के हस्ताक्षर भी हैं जिनमें से 15 महिलाएं थीं. अधिकांश सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर अंग्रेजी में किये थे और कुछ सदस्यों ने हिंदी में, अबुल कलाम आजाद ने अपने हस्ताक्षर उर्दू में किये थे. #11. डॉ. भीमराव अंबेडकर, जो स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री और संविधान सभा की समिति के अध्यक्ष भी थे, को ‘भारतीय संविधान का पिता’ कहा जाता है. #. भारतीय संविधान के अंग्रेजी और हिंदी संस्करण की मूल हस्तलिखित प्रति संसद भवन के पुस्तकालय में हीलियम के बॉक्स में रखी गई है. #12. संविधान निर्माताओं के सदस्यों द्वारा लगभग 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया गया था और जिस संविधान में जो प्रावधान भारत के लिए सबसे अच्छा प्रावधान पाया गया, उसे भारत के संविधान में शामिल किया गया. #13. भारतीय संविधान दुनिया के 10 विभिन्न देशों से लिया गया है, इसलिए इसे ‘उधार लिया हुआ बैग’ भी कहा जाता है. संविधान की मूल संरचना ‘भारत सरकार अधिनियम, 1935 पर आधारित है. पंचवर्षीय योजना का विचार सोवियत संघ (Soviet Union) से लिया गया है. सामाजिक-आर्थिक अधिकारों का विचार आयरलैंड (Ireland) से लिया गया है. व्यापार और वाणिज्य के प्रावधान ऑस्ट्रेलिया (Australia) के संविधान से लिए गए हैं. भारतीय संविधान में आपातकालीन प्रावधान जर्मनी (Germany) से लिए गए हैं. भारत में सुप्रीम कोर्ट जिस कानून के तहत काम करता है वह जापान (Japan) से लिया गया है. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality and Fraternity)’ शब्द फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution) से प्रेरित है. संघीय प्रणाली, संघ और राज्य का संबंध और संघ-राज्य के बीच सत्ता का बंटवारा कनाडा (Canada) के संविधान से लिया गया है. भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) अमेरिकी संविधान की प्रस्तावना से प्रेरित है. अमेरिकी संविधान और भारतीय संविधान दोनों की प्रस्तावना ‘We the People’ से शुरू होती हैं. #14. भारतीय संविधान वर्तमान में भारत के नागरिकों को 6 मौलिक अधिकार देता है, जो कि अमेरिका के संविधान से लिए गए हैं: – समानता का अधिकार स्वतंत्रता का अधिकार शोषण के विरुद्ध अधिकार धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार संस्कृति और शिक्षा से संबंधित अधिकार संवैधानिक उपचारों का अधिकार दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में संपत्ति का अधिकार भी एक मौलिक अधिकार था. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 31 में कहा गया है कि ‘किसी भी इंसान को उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता है’. लेकिन इस अधिकार को संविधान के 44वें संशोधन, 1978 में हटा दिया गया था. #15. भारत का राष्ट्रीय प्रतीक ‘सारनाथ’, जिसमें सिंह, अशोक चक्र, बैल और घोड़ा भी शामिल है, को 26 जनवरी 1950 को ही अपनाया गया था. #16. भारतीय संविधान की प्रस्तावना के अनुसार भारत एक संघीय, समाजवाद, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य है. समाजवाद शब्द को 1976 में 42वें संशोधन के माध्यम से जोड़ा गया था. #17. भारतीय संविधान के पहले अनुच्छेद के अनुसार, ‘भारत सभी राज्यों का एक संघ है’ और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत एक संघ (Union) है, और किसी भी राज्य को भारत से अलग होने का अधिकार नहीं है. #18. भारतीय संविधान को देहरादून में प्रकाशित किया गया था और भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा फोटोलिथोग्राफ किया गया था. #19. संविधान के 42वें संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़ा गया. यह सभी धर्मों की समानता और धार्मिक सहिष्णुता सुनिश्चित करता है. #20. भारत के संविधान को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक माना जाता है क्योंकि जनवरी 2020 तक हमारे संविधान में केवल 104 संशोधन हुए हैं. #21. 26 नवंबर को संविधान के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.

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