1. शेर शाह सूरी ने भारत में व्यावहारिक मुद्रा के रूप में रूपया (Rupiya) नामक चांदी का सिक्का जारी किया था. यह मुगल काल, मराठा साम्राज्य और ब्रिटिश भारत में भी जारी रहा. इसके अलावा शेरशाह सूरी ने तांबे और सोने के सिक्के भी जारी किए थे.
2. कागज़ी मुद्रा के रूप में पहला पेपर रुपया बैंक ऑफ हिंदोस्तान (1770-1832), जनरल बैंक ऑफ बंगाल एंड बिहार (1773-75) और बंगाल बैंक (1784-91) द्वारा जारी किया गया था.
3. 1957 में, भारत ने सिक्के की “दशांश प्रणाली (Metric system)” को अपनाया जिसके तहत यह नियम लागु किया गया की 1 रुपए में 100 पैसे शामिल होंगे. पहले रुपए को 16 आने में बांटा गया था.
4. भारतीय नोट पर इसका मूल्य 15 विभिन्न भारतीय भाषाओं में लिखा होता है।
5. अधिनियम की धारा 22 के अनुसार, भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार रिजर्व बैंक (RBI) के पास है.
6. बात साल 1917 की है जब 1 रुपया 13 डॉलर के बराबर हुआ करता था. फिर 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो 1 रुपए की कीमत 1 डॉलर के बराबर कर दी गई. फिर धीरे-धीरे भारत पर कर्ज बढ़ने लगा, तब इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) ने कर्ज चुकाने के लिए रुपये के मूल्य को कम करने का फैसला किया और तब से आज तक रुपये का मूल्य घटता ही रहा है.
7. अंग्रेजों की मंशा भारत की मुद्रा को पौंड (Pound) में बदलने की थी, लेकिन रुपये की मजबूती के कारण यह संभव नहीं हो सका.
8. RBI ने पहली बार जनवरी 1938 में 5 रुपये की कागजी मुद्रा (Paper currency) छापी थी. जिस पर King George VI की तस्वीर थी. उसी वर्ष के भीतर, 10 रुपये; 100 रुपये; 1000 रुपये; और 10000 रुपये के कागजी मुद्रा जारी किए गए. 1946 में, बेहिसाब धन पर अंकुश लगाने के लिए 1000 रुपये और 10000 रुपये के नोटों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था.
9. जबकि 1946 में बड़े नोटों को demonetize किया गया था, उसके बाद नोट का एक नया संस्करण 1954 में पेश किया गया था. हालांकि, ₹1,000 और ₹5,000 के नोटों के साथ ₹10,000 के नोटों को 1978 में तत्कालीन प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई (Morarji Desai) द्वारा फिरसे demonetize कर दिया गया था.
10. आजादी के बाद पहली बार 1950 में 1 पैसा, 1/2 (आधा) पैसा, 1 और 2 आने, 1/4 (चार) आने, 1/2 (आधा) रुपया और 1 रुपये के सिक्के जारी किए गए.
11. 1953 में मुख्य रूप से नए भारतीय नोटों पर हिंदी का इस्तेमाल किया गया था.
12. 1954 में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि “रुपया” का बहुवचन “रुपये” होगा.
13. 1987 में एक बार फिर 500 रुपये का नया नोट पेश किया गया और 2000 में 1000 रुपये का नया नोट पेश किया गया. फिलहाल 1000 रुपये के नोट को बंद कर दिया गया है और 500 रुपये का नया नोट बाजार में आ गया है. 2000 रुपये का पहला नोट साल 2016 में पेश किया गया था.
14. आजादी के बाद, 1948 तक, भारतीय मुद्रा नोट और सिक्के, “पाकिस्तान सरकार (Government of Pakistan)” नाम के साथ, पाकिस्तान के नए राज्य में कानूनी निविदा के रूप में उपयोग किए जाते थे.
15. 1980 में, नए नोट जारी किए गए जिनमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रगति और भारतीय कला के प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया था. 2 रुपये के नोट पर आर्यभट्ट का चित्र, 1 रुपये के नोट पर तेल का कुआं और 5 रुपये के नोट पर कृषि यंत्र, 20 रुपये और 10 रुपये के नोट पर मोर, कोणार्क की तस्वीर को उकेरा गया था.
16. अक्टूबर 1987 में बढ़ती अर्थव्यवस्था और घटती क्रय शक्ति के कारण 500 रुपये का नोट जारी किया गया था.
17. स्वतंत्रता के बाद भारत में सिक्के तांबे (Copper) के बने होते थे. उसके बाद 1964 में एल्युमीनियम (Aluminum) और 1988 से 10, 25 और 50 पैसे के सिक्के स्टेनलेस स्टील (Stainless steel) से बनने शुरू हुए. 1992 में, 1 रुपये और 5 रुपये के स्टेनलेस स्टील के सिक्के जारी किए गए थे.
18. भारतीय नोट पर छपी महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्वीर तब ली गई थी जब गांधीजी बर्मा और भारत में तत्कालीन ब्रिटिश सचिव फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस (Frederick Pethick Lawrence) से मिलने कोलकाता के वायसराय हाउस गए थे. नोटों पर यह तस्वीर 1996 में दिखने लगी थी. इससे पहले महात्मा गांधी की जगह अशोक स्तंभ (Ashoka Pillar) छापा जाता था.
19. अगर आपके पास आधे से ज्यादा (51%) फटे नोट हैं तो भी आप बैंक जाकर उसे बदलवा सकते हैं.
20. नोटों पर सीरियल नंबर छपे होते हैं ताकि RBI को पता चल सके कि इस समय बाजार में कितनी मुद्राएं हैं.
21. सुरक्षा कारणों की वजह से आपको नोट के क्रमांक में I, J, O, X, Y, Z अक्षर नहीं मिलेंगे.
22. आरबीआई (RBI) के मुताबिक भारत में हर साल 2,000 करोड़ के नोट छापे जाते हैं.
23. भारतीय कागजी मुद्रा (Notes) किसी साधारण कागज के नहीं, बल्कि कपास पर प्रक्रिया करके बने होते हैं. ये नोट इतने मजबूत होते हैं कि किसी नए नोट के दोनों सिरों को पकड़कर आप इन्हें फाड़ नहीं सकते.
24. एक समय था जब बांग्लादेश ब्लेड बनाने के लिए भारत से 5 रुपये के सिक्के आयात करता था. 5 रुपये के एक सिक्के से 6 ब्लेड बनते थे. 1 ब्लेड की कीमत 2 रुपये थी, तो ब्लेड बनाने वाले व्यापारी अच्छा मुनाफा कमाते थे. इसे देखते हुए भारत सरकार ने सिक्का बनाने वाली धातु को ही बदल दिया.
25. भारत में 75, 100 और 1,000 रुपये के सिक्के भी ढाले गए हैं.
26. 10 रुपये का एक सिक्का बनाने में 6.10 रुपये का खर्च आता है.
27. भारत के अलावा, रुपया (Rupee) इंडोनेशिया, मॉरीशस, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका की मुद्रा भी है.
28. भारतीय रुपया चिह्न (₹), भारत की आधिकारिक मुद्रा (भारतीय रुपये) के लिए मुद्रा प्रतीक है. रुपये के प्रतीक की अवधारणा और डिजाइन भारतीय डिजाइनर उदय कुमार (Uday Kumar) ने किया है.
29. नए कंप्यूटरों में आप रुपया चिह्न (₹) टाइप करने के लिए “Ctrl+Shift+$” दबा सकते हैं.
30. भारतीय नोट में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 15 अन्य भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है. 10, 20, 50 जैसा कोई भी नोट पर हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ असमि, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू में लिखा होता है.
रोचक जानकारी
Q: क्या RBI जितना चाहे उतने मूल्य के नोट छाप सकता है?
ऐसा नहीं है कि आरबीआई जितना चाहे उतने मूल्य के नोट छाप सकता है, बल्कि वह केवल ₹10,000 तक के नोट ही छाप सकता है. अगर उच्च मूल्य के नोट छापने हैं तो उसे भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 में बदलाव करने होंगे.
Q: जब हमारे पास मशीनें हैं तो हम अनगिनत नोट क्यों नहीं छाप सकते?
हम कितने नोट छाप सकते हैं यह मुद्रास्फीति, जीडीपी वृद्धि, बैंक नोटों के प्रतिस्थापन और रिजर्व बैंक स्टॉक के आधार पर निर्धारित किया जाता है.
Q: अंकित वर्ष के नीचे प्रत्येक सिक्के पर एक विशेष चिन्ह बना होता है, उस चिन्ह को देखकर आप यह पता लगा सकते हैं कि यह सिक्का कहां बना है.
- मुंबई – हीरा ( ◆ )
- नोएडा – डॉट ( • )
- हैदराबाद – सितारा ( ★ )
- कोलकाता – कोई निशान नहीं.
Q: प्रत्येक मूल्यवर्ग का एक नोट कितने रुपये में छपता है?
- 1 ₹ = 1.14 ₹
- 10 ₹ = 1.01 ₹
- 20 ₹ = 1 ₹
- 50 ₹ = 1.01 ₹
- 100 ₹ = 1.51 ₹
- 500 ₹ = 2.57 ₹
- 2,000 ₹ = 4.18 ₹
